Hindi Poems

Vo Chal Diye ..

उनकी उलझने सुलझाते सुलझाते हमारी जिन्दगी उलझ गयी ,

वो चल दिए हमे छोड़ कर जब उनकी उलझने सुलझ गयी ,

हमने अपने हर  एक पल को कर दिया उनके हवाले ,

पर वो हमें तन्हाई के दल दल मे दफ़न कर गए ,

गम नहीं उनकी बेबफायी का ,

पर दर्द तब हुआ जब जाते जाते हमे बेब्फा कह गए ,

हर  मंज़र हुआ धून्धुला, ज़िन्दगी थम सी गयी ,

वो चल दिए हमे छोड़ कर जब उनकी उलझने सुलझ गयी,

हमने तो उनकी हर सांस ,हर आहट को लिया समझ ,

पर वो हमारी वफ़ा ना समझ सके  ,

आख़िरी वक़्त तक  दम भरते रहे जिनका  ,

उसने धोका ऐसा दिया हम उभर न सके ,

उनकी प्यार की  शीशी जिसे हमने भरा समझा वो आख़िर मे खली निकल गयी ,

वो चल दिए हमे छोड़ कर जब उनकी उलझने सुलझ गयी,

उनकी उलझने सुलझाते सुलझाते हमारी जिन्दगी उलझ गयी ,

वो चल दिए हमे छोड़ कर जब उनकी उलझने सुलझ गयी ..

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Hindi Poems

college days

वो पहले दिन sincere बनके क्लास मे जाना ,
टीचर कि हर बात पर गौर फरमाना ,
पर थोड़े ही दिनों मे line पर आ जाना ,
test की रात ही किताबो को हाथ लगाना,
कही से भी जाकर NOTES का जुगाड़ कराना ,
वो Xerox shop की value exam वाले दिन समझ मे आना ,
बन जाएगा यह सब एक गुजरा जमाना ,
भी दिल मे छाप छोड़ जाएगा ये college का फ़साना

वो first year पर रैगिंग मे जाना ,
वों senior का बिना बात पर हँसाना और रूलाना ,
seniors के नाम की लंबी लिस्ट बनाना ,
जितना उन्हें नही पता उनके बारे मे उससे ज्यादा हमे पता लागाना ,
freshy मिल जाने पर seniors का याराना ,
बन जाएगा यह सब एक गुजरा जमाना ,
फिर भी दिल मे छाप छोड़ जाएगा ये college का फ़साना

वों रात रात भर बकर मारना ,
topic के ही शुरू हो जाना ,
ढाई बजे coffee बनाना ,
बिना कहे ही हर बात को समझ जाना ,
पूरी पूरी रात movies देखना ,
और फिर class bunk करके सो जाना ,
बन जाएगा यह सब एक गुजरा जमाना ,
फिर भी दिल मे छाप छोड़ जाएगा ये college का फ़साना

वो girl friend boy friend का रूठना मनाना ,
वो छोटी छोटी बातों पर भी emotionally blackmail हो जाना ,
वो बड़ी बड़ी बातों को सुन कर भी अनसुना कर देना ,
वो frusto होकर sutta का जिन्दगी मे आना ,
बस taste करने के लिए पहली बार sutta मारना ,
और फिर बाद मे छुड़ाने के लिए अपने आपको out of control पाना ,
बन जाएगा यह सब एक गुजरा ज़माना ,
फिर भी दिल मे छाप छोड़ जाएगा ये college का फ़साना

अपने ही college के ladke ladkiyo को देखकर frustoo हो जाना ,
और दूसरे college के bande bandiyo पर निगाहो का अटक जाना ,
मस्ती कि हर possible formulae को आजमाना ,
वो दोस्तो कि गालियों मे भी प्यार झलक जाना ,
ममी के हाथो के खाना कि सही value समझ आना ,
mess के खाने को रोज़ आकर गरियाना ,
बन जाएगा यह सब एक गुजरा ज़माना ,
फिर भी दिल मे छाप छोड़ जाएगा ये college का फ़साना

क्या क्या सपने लेकर college आना ,
फिर याहा पर सपनो का चूर चूर हो जाना ,
हर छोटी बात पर frust हो जाना,
अपने ही college को हज़ार बातें सुनाना ,
पर धीरे धीरे विचार धारा मे परिवर्तन का आना ,
जब जाने कि बारी आयी तो चुभ रहा है एक एक पल का जाना ,
नामुमकिन है चाह कर भी इन यादो को भुलाना ,
२४ घंटे साथ बिताये है जिनके अब उनसे दूर है जाना ,

बन जाएगा यह सब एक गुजरा ज़माना ,
फिर भी दिल मे छाप छोड़ जाएगा ये college का फ़साना .

Shaiyari

Shairiya !

1
गमो कि महफिल मे आते है रोज़ हम ,
अश्को के प्याले से लब टकराते है रोज़ अब ,
छोड़ दिया इस मंज़र पर आकर आपने ,
कदम हमारे आते इस महफिल मे कब ??

2
हर दिन को नए दिन का इंतज़ार है ,
बीते दिन की खामियों के लिए बीते दिन ही ज़िम्मेदार है ,
उन दिनों कि सज़ा आने वाले दिनों को मत देना ,
इस दिन को तुम हँस कर दिखायो क्यो कि ये इसका हकदार है

3

आप कह्दे जो एक बार तो रुलाते को हँसा दे ,
आप के खातिर ज़माने को भुला दे ,
खुदा ने बडे नाज़ो से बख्शा है आपको झोली मे हमारी ,
आपकी एक मुस्कान के लिए अपने हज़ार आंसू सुखा दे

4
कुछ पल जो बिताये है साथ वो पल यादगार बन जायेंगे ,
सोचो ये छोटो छोटो किस्से बाद मे होते पर मुस्कान ले आएंगे ,
ज़रूर कुछ अच्छा किया होगा हमने अपनी जिन्दगी मे ,
वरना कब सोचा था कि आप दोस्त बनकर हमारी जिन्दगी मे आयेंगे

Hindi Poems

Hazaro kwaishae!

लेते है जन्म गोद मे जिनकी ,
छोड़ चले आये है उन्हें हम दूर ,
ख्वाहिशे तो हज़ारो है इस दिल मे ,
पर बंदिशे कर देती है मजबूर ,

जिनकी बाहो के झूले मे झूल कर बडे हुए ,
जिनकी ऊँगली पकड़ कर पहली बार खडे हुए ,
जिनके प्यार के सागर मे रोज़ दुप्किया लगाते रहे ,
जिनके आँचल मे गलती कर के भी छुप जाते थे ,

थी जब कलि तो सोचा था ,
फूल बनकर मेह्कऊंगी ज़रूर ,
उस गली उस नुक्कड़ पर लौट कर जाऊंगी ज़रूर
अब जाते भी है तो चार दिन के मेहमान बनकर ,
पर किसका दोष है यह ,किसका है यह कसूर ???

ख्वाहिशे तो हज़ारो है इस दिल मे ,
पर बंदिशे कर देती है मजबूर .

Hindi Poems · My Fav

Kaash !!!

काश मे भी पेड होती ,

तो चांदनी रूपी चादर पर आराम से सोती ,

ओस रूपी मोती से मेरा श्रंगार होता ,

और वर्षा रूपी अमृत से मेरा जलपान होता ,

मै आकाश को चुने कि कोशिश करती ,

मै पाताल मे रहने कि कोशिश करती ,

मेरी लम्बी लम्बी बाहो पर चिडियों का बसेरा होता ,

उनकी चु चु ची ची सुनकर मेरा सवेरा होता ,

पशुओ को घर देती पक्षियों को देती आवास ,

वायु को स्वच्छ करके देती सबको शुद्ध स्वाश ,

बस इतनी से अभिलाषा है जिसके लिए मन प्यासा है ,

और एक दिन ऐसा होगा ज़रूर ऐसी मेरी आशा है!!!

Hindi Poems

Vo Sapna !!

जब पलक रूपी पर्दा मैंने अपनी आंखो पर गिराया ,
मुलाकात हुई उस सपने से जो हकीकत बनकर जिन्दगी मे आया ,

ना कभी सोचा था ऐसा ,ना कभी समझ पाया ,
वो पल था ऐसा जिसने मुझे मेरे दिल से रुलाया ,

करना चाहा कैद उन अश्को को अपनी निगाहो कि जेल मे ,
पर अंत मे रिहायी देनी ही पडी जब उन्हें बेकसूर पाया ,
मुलाकात हुई उस सपने से जो हकीकत बनकर मेरी जिन्दगी मे आया.