Hindi Poems · My Fav

Kaash !!!

काश मे भी पेड होती ,

तो चांदनी रूपी चादर पर आराम से सोती ,

ओस रूपी मोती से मेरा श्रंगार होता ,

और वर्षा रूपी अमृत से मेरा जलपान होता ,

मै आकाश को चुने कि कोशिश करती ,

मै पाताल मे रहने कि कोशिश करती ,

मेरी लम्बी लम्बी बाहो पर चिडियों का बसेरा होता ,

उनकी चु चु ची ची सुनकर मेरा सवेरा होता ,

पशुओ को घर देती पक्षियों को देती आवास ,

वायु को स्वच्छ करके देती सबको शुद्ध स्वाश ,

बस इतनी से अभिलाषा है जिसके लिए मन प्यासा है ,

और एक दिन ऐसा होगा ज़रूर ऐसी मेरी आशा है!!!

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10 thoughts on “Kaash !!!

  1. hamaari subhkaamnaye he ki aapke jeevan me,
    ek din aisa jarur hoga,
    aapke Pyaashe man ki pyaash ek din door hoga.

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