Bandishe!

  ख्वाइशे तो हजारो है इस दिल मे पर बंदिशे कर देती हर मजबूर , रस्ते मे ही भटक रह हू और मंजिल है अभी बहुत दूर , जाने क्यो मेरी हर सोच के दो पहलु बन जाते है , चाह कर भी कुछ काम नही हो पाते है और न चाहते हुए भी कुछ…

Isi aas me..

जो पल बिताये है तेरे साथ मे , उन्हें याद करता हू पल पल आज मै , जो रूठा है वो मान जाएगा एक दिन , लौट आयेगी तू बैठा हू इसी आस मे । मेरी आरजू को तेरी ही ज़रूरत है , तू उजली किरण है ,तू बहुत खूबसूरत है , इस मंद मंद…