Hindi Poems · My Fav

Anootha Ahsaas!

 

खामोशिया भी बहुत कुछ जताने लगी ,
तन्हाइया भी तेरे अहसास को पाकर मुस्कुराने लगी ,
अब बैठो अकेले या कही भीड़ में खो जाओ ,
वहाँ भी तेरी याद मुझे हर पल महकाने लगी ॥

सोचा न था की कभी ऐसा भी होगा ,
की किसी का इंतज़ार मेरा दिल भी करेगा ,
की किसी की ख़ुशी मुझे आसमान की सैर करायेगा ,
और थोड़ा सा दुःख मुझे इतनी चोट देगा ,
उसकी हर बात में मै अपनापन पाने लगी ,
आज ये आलम है की मै उससे खुद से ज्यादा चाहने लगी ,

अब बैठो अकेले या कही भीड़ में खो जाओ ,
वहाँ भी तेरी याद मुझे हर पल महकाने लगी ॥

वो जब मुस्कुराएगा तो दिल झूम जायेगा ,
उसकी आखों की सच्चाई पर मेरा दिल बार बार कुर्बान हों जायेगा ,
उससे लड़ने में भी मुझे उसका प्यार दिखाई दे जायेगा ,
बस उसका साथ हों तो ज़िन्दगी का हर मोड़ मुझे भाएगा ,
पल पल हर पल उसकी हर छोटी छोटी बातें याद करने लगी ,
पता ही नहीं चला कब उससे इतना प्यार करने लगी ,

अब बैठो अकेले या कही भीड़ में खो जाओ ,
वहाँ भी तेरी याद मुझे हर पल महकाने लगी ॥

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11 thoughts on “Anootha Ahsaas!

  1. “उसकी आखों की सच्चाई पर मेरा दिल बार बार कुर्बान हों जायेगा”
    सार्थक प्रयास – शुभकामनाएं

  2. नमस्ते मोनिका जी, आपकी कविताएँ बहुत सुन्दर हैं। मेरी ईश्वर से प्रार्थना है की आपको कविता की प्रेरणा हमेशा मिलती रहे और आपका यह प्रयास हमेशा जारी रहे।
    शुभकामनाएं 🙂
    बहुत अच्छे।

  3. Muskaan tere hothon se kahin jaye na,
    Aansu teri palkon pe kabhi aaye na,
    Poora ho tera har khwab aur jo poora na ho
    Woh khawab kabhi aaye na…

    …everythings are really awesome…

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