English Poems · My Fav

Deeply In Love :)

Date : Feb 21st, 2010

A very special day for a very special couple.This one is a small gift from my side to you both.Sorry am a little late.I have just tried capturing your feelings in this poem.Hope you will like it 🙂

Congratulation guys!!.. for adding one more beautiful year to your lifetime treasure 🙂
“Kapil and Apurva”.. God Bless You both !! (one of the best couple i have come across 🙂 :))

Whether i m sitting with grief,
Or feeling a relief,
From the moment I wake up,
Till the time I go to sleep,
Even in my dreams ,
My love for you runs deep.

Deeper than the ocean,
Faster than heart beat,
You are there in my emotion,
Part of me..I treat!.

If it takes my whole life ,
With whatever comes my way,
I will keep you happy,
Each and every day.

With little of complaint,
And few of fight,
I ll be there to love u,
But I want you as my light.

When I see your charm,
With your lovely face aglow,
Want to hold you in my arms ,
And never let you go.

Sometimes u may feel,
Why do i expect so much,
You do whatever you can,
With no mistakes as such,

I know everything but still,
Don’t know why i create fuss,
I know you ll be there for me ,
Coz we love each other very much.

Whenever you feel alone,
Just close ur eyes,
You would find my soul there,
To embrace u from all sides.

I get heavenly happiness,
When am with you,
The eternal thing for me is ,
I m “Deeply In Love “with you :):)

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Hindi Poems · My Fav

Adat ho gayi..

इन  आँसुओ को  भी  बहने  की  आदत  हों  गयी ,
नींद को भी जगने की आदत हों गयी ,
हर नया जख्म पहले  से  ज्यादा  गहरा  लगने  लगा ,
मुस्कुराहट  को  चुप  रहने  की  आदत  हों  गयी .

वो  चंद  पल  खुशियों  के ,
दे  गए  हमे  दर्द  सदियों  का ,
उन  रास्तो  पर  चल  दिए  हम ,
जहाँ   पता  नहीं  मंजिल  का ,
थम  गए  है  यह  रास्ते  भी ,
अब  तो इन्हें  भी  रुकने  की  आदत  हों  गयी ,
इन आँसुओ को भी बहने की आदत हों गयी ,
मुस्कुराहट को चुप रहने की आदत हों गयी ..

खाली  करू  मै   किस  तरह ,
तेरे  इश्क  का  प्याला  भरा ,
पहुचे  न  तेरी  याद  भी ,
खुद  को  ले  जाऊं  मै  कहाँ,
आज  खामोशियो  को  भी  चिल्लाने  की  आदत  हों  गयी ,
इन आँसुओ को भी बहने की आदत हों गयी ,
मुस्कुराहट को चुप रहने की आदत हों गयी ..

बेखबर  तेरे  इश्क  ने  ,
रुसवां  किया  इस  दिल  को  य़ू ,
न  रहे  खुद  के  ही  हम ,
इस  कदर  बेघर  है  क्यों ?
जो  ख्वाब  सच्चे  लगते  थे ,
उन्हें  झुटलाने   की  आदत  हों  गयी ,

इन आँसुओ को भी बहने की आदत हों गयी ,
मुस्कुराहट को चुप रहने की आदत हों गयी ..

Hindi Poems · My Fav

Dil Nasamajh

Hi friends,

This one is dedicated to one of my very special friend.I wrote this piece long back for her…. Just tried  to fill this poem with her feelings.. Thought of sharing it with u guys… Hope you will like it 🙂

जो  बैठे  है  हमारी  याद  में ,
हमें  उनके  प्यार  की  कदर  नहीं ,
वो  हमें  देते  है  दुआए ,
हम  उनकी  दुआओ  के  काबिल  नहीं ,
हम  चाह  कर  भी  उनका  अच्छा  न  कर  पाए ,
इस  बात  को  झुटला  सकते  नहीं ,
यह  दिल  तो  हम  सबको  नचाता  है ,
हम  इसके  बस  में  है ,यह  हमारे  बस  में  नहीं ,

और  जिन्हें  हमने  चाहा  दिलो  जान  से ,
उन्हें  हमारी  ज़रुरत  नहीं ,
उनकी  बेरूखी  का  नतीजा  है  यह  ,
की  आज  हमें  खुद  की  ही  खबर  नहीं ,
य़ू  तो  उनकी  बेवफाई  को  कभी  भूल  न  पायेंगे  हम ,
पर  आज  भी  आँखों  में  उनकी  सूरत  है  वहीं ,
खुश  हों  लेते  है  औरो  को  खुश  करने  के  लिए ,
पर  दिल  की  ख़ुशी  तो  कही  खो  सी  गयी ,

जो  बैठे  है  हमारी  याद  में ,
हमें  उनके  प्यार  की  कदर  नहीं ,
और  जिन्हें  हमने  चाहा  दिलो  जान  से ,
उन्हें  हमारी  ज़रुरत  नहीं ..

Hindi Poems

Khusi :)

एक  नन्ही सी खिलती  हुई  खुशी  मिल  गयी ,

और  वो  खिलती  हुई  हर  पंखुरी  कुछ  नया  कर  गयी ,

यह  प्यार  रुपी  कली  खिलती  नहीं  सबके  आगन  में ,

कितने  खुशनसीब  वो  लोग  जिनके  लिए  खुद  ब  खुद  खिल  गयी ,

जब  तक  रहेगा  प्यार  सच्चा  यह  कभी  मुर्झाएगी  नहीं ,

जब  तक  सीचेंगे  इसे  विशवास से  यह  कही  जाएगी  नहीं ,

इसकी  खुशबू  उन्हें  बांधे  रखेगी  हमेशा ,

अब  रोम  में  बस  चुकी  है  यह  महक  चाहे  वो  चले  जाए  कही ,

खीच  लाएगी  उन्हें  एक  दूसरे  की  ओर ,

और  वो  बंधेंगे  एक  बंधन  में   ज़रूर  ये हमें  है  यकीन 🙂