Ek Tarfa Mohabbat

जिनके  लिए  ये अहसास  है  हमारे ,
काश  वो  उन्हें  समझ  पाते ,
कैद  है  चेहरा  इस  कदर  आँखों  में ,
चाह  कर  भी  हम  किसी  और  को  देख  न  पाते ,

न  छू  पायेगा  कोई  इस  दिल  में  उनका  घरोंदा ,
काश हम  भी  उनके  दिल  में  थोड़ी  सी  जगह  बना  पाते ,
एक  तरफ़ा  मोहब्बत  आखिर  होती  है  क्यों ?
गर  होता  उनके  साथ  तो  मेरे  दर्द  को  जान  पाते ,

जिन  खुशियों  में  वो  शामिल  नहीं ,
हम  उन  पलो  को  अधूरा  है  पाते ,
उनकी  एक  दर्द  की  आह  से  भी ,
हम  है  तड़प  से  जाते ,

वो  आयेंगे  ज़िन्दगी  में  हमारी ,
हम  बस  उनकी  राह  तकते  जाते ,
उन्हें  भूलने  की  हर  कोशिश  करली ,
पर  हर  मोड़  पर  खुद  को  नाकाम  पाते ,

तोड़कर  हर  बंधन  देख  लिया ,
पर  हम  खुदको  उनसे   जुडा पाते ,
लिखने  से  हमें  ऐतराज़  कहाँ  ,
हम  तो  लिखते  रहेंगे  अपने  दिल  के  सन्नाटे .

Advertisements

28 thoughts on “Ek Tarfa Mohabbat

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s