Teri Yaad

This one is dedicated to all those who are in true love 🙂 🙂 ..Hope  you will like it 🙂

पहली बूँद बारिश की,
जब मुझको छू कर जाती है ,
तुझे महसूस कर सकती हूँ ,
तेरी बहुत याद आती है ,

हर दिन सूरज की किरणे ,
जब मुझको रोशन कर जाती है ,
इन आँखों में तेरी तस्वीर ,
खुद बा खुद बन जाती है ,

हर शाम तेरे साए की तरह ,
मुझे तेरा अहसास कराती है ,
तू दूर हों या पास मेरे ,
पर निगाहे तुझे करीब पाती है ,

तू साथ होता है तो ,
ख़ामोशी भी गुनगुनाती है ,
बस गया है मेरी रूह में तू इस तरह ,
ठण्ड तुझे अगर लगे ,
तो कम्पन मुझे हों जाती है ,

तेरी हँसी की गूँज सुनकर ,
ये हवाए मुझे झूला झूलती है ,
तेरी हर छोटी ख़ुशी भी ,
मेरे होटो पर गुदगुदी कर जाती है ,

लम्हे यादगार बन जाते है ,
कुछ और यादें जुड़ जाती है ,
जब भी हाथ रखती हूँ दिल पर ,
धड़कन तेरा ही अहसास पाती है ,

इतनी खुशिया समेटू कैसे ,
पल पल झोली भर जाती है ,
तू आया मेरा नसीब बनके ,
हर रात हलके से कह जाती है ,

पहली बूँद बारिश की,
जब मुझको छू कर जाती है ,
तुझे महसूस कर सकती हूँ ,
तेरी बहुत याद आती है |

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25 comments

  1. Ajay · July 22, 2010

    So sweeet 🙂

  2. Sooraj · July 22, 2010

    Lovely COmposition !

  3. Anonymous · July 22, 2010

    Good one.

  4. rana · July 22, 2010

    Beautiful 🙂

  5. Abhiruchi · July 22, 2010

    Very nice mon 🙂

  6. शानदार अहसास! ईश्वर करे हमेशा बने रहें.

    -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’
    सम्पादक-प्रेसपालिका (जयपुर से प्रकाशित पाक्षिक समाचार-पत्र) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास) (जो दिल्ली से देश के सत्रह राज्यों में संचालित है।
    इस संगठन ने आज तक किसी गैर-सदस्य, सरकार या अन्य किसी से एक पैसा भी अनुदान ग्रहण नहीं किया है। इसमें वर्तमान में 4366 आजीवन रजिस्टर्ड कार्यकर्ता सेवारत हैं।)। फोन : 0141-2222225 (सायं : 7 से 8) मो. 098285-02666
    E-mail : dr.purushottammeena@yahoo.in

  7. azherbond · July 22, 2010

    sach main piyar ka nasha kuch aur hi hota hai. bahut hi badiya aageh ke liye shubhkamanain.

  8. kishore · July 22, 2010

    beautiful blog

  9. jayantijain · July 22, 2010

    great emotions with fine tunings

  10. ratnakar tripathi · July 22, 2010

    इतनी खुशिया समेटू कैसे ,
    पल पल झोली भर जाती है ,
    तू आया मेरा नसीब बनके ,
    हर रात हलके से कह जाती है ,

    excellent lines

  11. mastkalandr · July 22, 2010

    लम्हे यादगार बन जाते है ,
    कुछ और यादें जुड़ जाती है ,
    जब भी हाथ रखती हूँ दिल पर ,
    धड़कन तेरा ही अहसास पाती है ,..
    वाह वाह अति सुन्दर ..आपने मुझको अतीत में पंहुचा कर यादें ताज़ा कर दी ..
    हम तहे दिल से आपका स्वागत करते है .. मक्

    http://www.youtube.com/mastkalandr

    Please change font size ..

  12. Monika Arya · July 22, 2010

    I really want to thank each and everybody for appreciating it :):)..Thank you sooo much 🙂

  13. नवीन देवांगन · July 23, 2010

    अति उत्तम

  14. तृप्ति · July 23, 2010

    पहली बूँद बारिश की,
    जब मुझको छू कर जाती है ,
    तुझे महसूस कर सकती हूँ ,
    तेरी बहुत याद आती है ,

    बहुत सुन्दर पंक्तिया और रचना !

  15. Monika Arya · July 23, 2010

    Thanks a lot Navin and tripti 🙂

  16. rakesh kaushik · July 23, 2010

    “तू साथ होता है तो,
    ख़ामोशी भी गुनगुनाती है”
    सोच को शब्द देने का प्रशंसनीय प्रयास

  17. Monika Arya · July 23, 2010

    Thank you so much for appreciation:)

  18. Poonam · July 23, 2010

    Monika,
    apne bahut sundar shabdon men atyant komal bhavanaon ko abhivyakt kiya hai.ummeed hai aise hee likhtee rahengee.shubhkamnayen.

  19. virendra sharma · July 24, 2010

    khushboo hvaa me ye kahaan se aati hai ,
    teri yaad aati hai .
    veerubhai1947.blogspot.com

  20. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

  21. Anonymous · July 25, 2010

    हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

  22. vaah, atyant mohak aur mazedar kavita hai. man prasann ho gaya.

  23. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !

    “हिन्दप्रभा” – ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

  24. navneet · August 7, 2010

    achcha likha hai monika..keep it up..

  25. Anonymous · August 18, 2010

    bahut hee sundar kavita…badhai..
    vijayanama.blogspot.com

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