Zindagi ki Aajmaaish !!

पल दो पल की ज़िन्दगी , गहरी सोच में डूबी हुई , तमाशा बनके रह जाती है , जो हम हों जाये इसके बस में कहीं, ज़माने के सामने लगती है, हमारे दर्द की नुमाइश , भारी लगने लगती है , ज़िन्दगी की आजमाइश. गुम  हों जाते है उन रहो पर, जिसकी कोई मंजिल नहीं ,…

Kadam ruk gaye !

वक़्त कुछ थम सा गया है , पर चाह है आगे बढने की , कोई डोर खीच रही है पीछे , जाने क्यों कदम रुक गए है यही , आज भी कोशिश जारी है , इस जाल से निकलने की , अपने पंखो को खोल कर , वैसे ही आसमा में उड़ने की , अंजानी…