Hindi Poems

Kyu kare galatiyaan ?

दूर  जिन्हें  जाना  है ,
दिल  चाहे  साथ  उन्हीं  का ,
चंद  पलों  के  लिए  ही  सही  ,
पर  ये  चाहे  करीबिया,

सामने  है  हमारे  फिर  भी ,
सहारा  है  बस  उनकी  यादो  का ,
कल  जब  पास  न  होंगे  वो ,
पीछा  करेंगी  उनकी  पर्छाइया ,

उन्हें  खुश  रखने  के  लिए ,
अपने  जज्बातों  को  कैद  किया ,
दिल  की  आवाज़  को  ,उन  अल्फाजो  को ,
हमने  खुद  ही  अनसुना  किया ,


कैसे  करे  इजहार, इनकार  से  लगता  है  डर ,
उनकी  एक  बेरूखी  दे  जाएँगी  हमे   बेहोशिया,
टूटी  बिखरी  यादें  है  इस  रिश्ते  की ,
फिर  भी  इस डोर ने  हमे  बाँध   लिया ,


रास्ते  अलग है  हमारे  फिर  भी
उनका  इंतज़ार  करके,
न  जाने बार बार  हम  क्यों  करे  गलतियाँ ?

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