Hindi Poems · My Fav

Ek Tarfa Mohabbat

जिनके  लिए  ये अहसास  है  हमारे ,
काश  वो  उन्हें  समझ  पाते ,
कैद  है  चेहरा  इस  कदर  आँखों  में ,
चाह  कर  भी  हम  किसी  और  को  देख  न  पाते ,

न  छू  पायेगा  कोई  इस  दिल  में  उनका  घरोंदा ,
काश हम  भी  उनके  दिल  में  थोड़ी  सी  जगह  बना  पाते ,
एक  तरफ़ा  मोहब्बत  आखिर  होती  है  क्यों ?
गर  होता  उनके  साथ  तो  मेरे  दर्द  को  जान  पाते ,

जिन  खुशियों  में  वो  शामिल  नहीं ,
हम  उन  पलो  को  अधूरा  है  पाते ,
उनकी  एक  दर्द  की  आह  से  भी ,
हम  है  तड़प  से  जाते ,

वो  आयेंगे  ज़िन्दगी  में  हमारी ,
हम  बस  उनकी  राह  तकते  जाते ,
उन्हें  भूलने  की  हर  कोशिश  करली ,
पर  हर  मोड़  पर  खुद  को  नाकाम  पाते ,

तोड़कर  हर  बंधन  देख  लिया ,
पर  हम  खुदको  उनसे   जुडा पाते ,
लिखने  से  हमें  ऐतराज़  कहाँ  ,
हम  तो  लिखते  रहेंगे  अपने  दिल  के  सन्नाटे .

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Hindi Poems · My Fav

Adat ho gayi..

इन  आँसुओ को  भी  बहने  की  आदत  हों  गयी ,
नींद को भी जगने की आदत हों गयी ,
हर नया जख्म पहले  से  ज्यादा  गहरा  लगने  लगा ,
मुस्कुराहट  को  चुप  रहने  की  आदत  हों  गयी .

वो  चंद  पल  खुशियों  के ,
दे  गए  हमे  दर्द  सदियों  का ,
उन  रास्तो  पर  चल  दिए  हम ,
जहाँ   पता  नहीं  मंजिल  का ,
थम  गए  है  यह  रास्ते  भी ,
अब  तो इन्हें  भी  रुकने  की  आदत  हों  गयी ,
इन आँसुओ को भी बहने की आदत हों गयी ,
मुस्कुराहट को चुप रहने की आदत हों गयी ..

खाली  करू  मै   किस  तरह ,
तेरे  इश्क  का  प्याला  भरा ,
पहुचे  न  तेरी  याद  भी ,
खुद  को  ले  जाऊं  मै  कहाँ,
आज  खामोशियो  को  भी  चिल्लाने  की  आदत  हों  गयी ,
इन आँसुओ को भी बहने की आदत हों गयी ,
मुस्कुराहट को चुप रहने की आदत हों गयी ..

बेखबर  तेरे  इश्क  ने  ,
रुसवां  किया  इस  दिल  को  य़ू ,
न  रहे  खुद  के  ही  हम ,
इस  कदर  बेघर  है  क्यों ?
जो  ख्वाब  सच्चे  लगते  थे ,
उन्हें  झुटलाने   की  आदत  हों  गयी ,

इन आँसुओ को भी बहने की आदत हों गयी ,
मुस्कुराहट को चुप रहने की आदत हों गयी ..