Hindi Poems

Kadam ruk gaye !

वक़्त कुछ थम सा गया है ,
पर चाह है आगे बढने की ,
कोई डोर खीच रही है पीछे ,
जाने क्यों कदम रुक गए है यही ,

आज भी कोशिश जारी है ,
इस जाल से निकलने की ,
अपने पंखो को खोल कर ,
वैसे ही आसमा में उड़ने की ,

अंजानी सी कशमकश है ,
एक बैचैनी से है हों रही ,
क्या कुछ छूट रहा है पीछे ,
या है बस मेरी गलतफैमी ?

ढूंढ रही हूँ अपने अस्तित्व को ,
जो कही खो सा गया है ,
तन्हैयाँ भाने लगी मुझे ,
अकेलापन अपना सा हों गया है ,

रास्ते दिखाई दे रहें है ,
पर आगे बढने की हिम्मत नहीं ,
कोई डोर खीच रही है पीछे ,
जाने क्यों कदम रुक गए है यही !!

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Hindi Poems

Teri Yaad

This one is dedicated to all those who are in true love 🙂 🙂 ..Hope  you will like it 🙂

पहली बूँद बारिश की,
जब मुझको छू कर जाती है ,
तुझे महसूस कर सकती हूँ ,
तेरी बहुत याद आती है ,

हर दिन सूरज की किरणे ,
जब मुझको रोशन कर जाती है ,
इन आँखों में तेरी तस्वीर ,
खुद बा खुद बन जाती है ,

हर शाम तेरे साए की तरह ,
मुझे तेरा अहसास कराती है ,
तू दूर हों या पास मेरे ,
पर निगाहे तुझे करीब पाती है ,

तू साथ होता है तो ,
ख़ामोशी भी गुनगुनाती है ,
बस गया है मेरी रूह में तू इस तरह ,
ठण्ड तुझे अगर लगे ,
तो कम्पन मुझे हों जाती है ,

तेरी हँसी की गूँज सुनकर ,
ये हवाए मुझे झूला झूलती है ,
तेरी हर छोटी ख़ुशी भी ,
मेरे होटो पर गुदगुदी कर जाती है ,

लम्हे यादगार बन जाते है ,
कुछ और यादें जुड़ जाती है ,
जब भी हाथ रखती हूँ दिल पर ,
धड़कन तेरा ही अहसास पाती है ,

इतनी खुशिया समेटू कैसे ,
पल पल झोली भर जाती है ,
तू आया मेरा नसीब बनके ,
हर रात हलके से कह जाती है ,

पहली बूँद बारिश की,
जब मुझको छू कर जाती है ,
तुझे महसूस कर सकती हूँ ,
तेरी बहुत याद आती है |

English Poems

With you near me..

With u near me,
I could feel ur breath,
Lying on ur shoulder,
Holding ur hands,

You are the half ,
That made me whole,
You are the one,
Who has touched  my soul,

With u near me,
Long i could walk,
Without saying a word,
Could listen to silent soul talks,

Never restrict urself,
From letting me know,
As m ur part and,
I have rights to grow,

With u near me,
I get intense happiness,
And untouched feelings,
ll be flowing continuous,

You are strong ,
When I am weak
You are the words ,
When I can’t speak

With u near me,
My worries disappears,
Someone loves me ,
Without any fear,

With you near me,
Or somewhere far away,
ll always be there,
To share whatever comes ur way

With u near me ,
Very special I feel,
You are mine forever,
Not a dream its real:)

Nothing in my life,
Is more prior than u,
In this bizarre world,
Am lucky..I found you!!

Hindi Poems · My Fav

Ek Tarfa Mohabbat

जिनके  लिए  ये अहसास  है  हमारे ,
काश  वो  उन्हें  समझ  पाते ,
कैद  है  चेहरा  इस  कदर  आँखों  में ,
चाह  कर  भी  हम  किसी  और  को  देख  न  पाते ,

न  छू  पायेगा  कोई  इस  दिल  में  उनका  घरोंदा ,
काश हम  भी  उनके  दिल  में  थोड़ी  सी  जगह  बना  पाते ,
एक  तरफ़ा  मोहब्बत  आखिर  होती  है  क्यों ?
गर  होता  उनके  साथ  तो  मेरे  दर्द  को  जान  पाते ,

जिन  खुशियों  में  वो  शामिल  नहीं ,
हम  उन  पलो  को  अधूरा  है  पाते ,
उनकी  एक  दर्द  की  आह  से  भी ,
हम  है  तड़प  से  जाते ,

वो  आयेंगे  ज़िन्दगी  में  हमारी ,
हम  बस  उनकी  राह  तकते  जाते ,
उन्हें  भूलने  की  हर  कोशिश  करली ,
पर  हर  मोड़  पर  खुद  को  नाकाम  पाते ,

तोड़कर  हर  बंधन  देख  लिया ,
पर  हम  खुदको  उनसे   जुडा पाते ,
लिखने  से  हमें  ऐतराज़  कहाँ  ,
हम  तो  लिखते  रहेंगे  अपने  दिल  के  सन्नाटे .

Hindi Poems

Kyu kare galatiyaan ?

दूर  जिन्हें  जाना  है ,
दिल  चाहे  साथ  उन्हीं  का ,
चंद  पलों  के  लिए  ही  सही  ,
पर  ये  चाहे  करीबिया,

सामने  है  हमारे  फिर  भी ,
सहारा  है  बस  उनकी  यादो  का ,
कल  जब  पास  न  होंगे  वो ,
पीछा  करेंगी  उनकी  पर्छाइया ,

उन्हें  खुश  रखने  के  लिए ,
अपने  जज्बातों  को  कैद  किया ,
दिल  की  आवाज़  को  ,उन  अल्फाजो  को ,
हमने  खुद  ही  अनसुना  किया ,


कैसे  करे  इजहार, इनकार  से  लगता  है  डर ,
उनकी  एक  बेरूखी  दे  जाएँगी  हमे   बेहोशिया,
टूटी  बिखरी  यादें  है  इस  रिश्ते  की ,
फिर  भी  इस डोर ने  हमे  बाँध   लिया ,


रास्ते  अलग है  हमारे  फिर  भी
उनका  इंतज़ार  करके,
न  जाने बार बार  हम  क्यों  करे  गलतियाँ ?

Hindi Poems · My Fav

Adat ho gayi..

इन  आँसुओ को  भी  बहने  की  आदत  हों  गयी ,
नींद को भी जगने की आदत हों गयी ,
हर नया जख्म पहले  से  ज्यादा  गहरा  लगने  लगा ,
मुस्कुराहट  को  चुप  रहने  की  आदत  हों  गयी .

वो  चंद  पल  खुशियों  के ,
दे  गए  हमे  दर्द  सदियों  का ,
उन  रास्तो  पर  चल  दिए  हम ,
जहाँ   पता  नहीं  मंजिल  का ,
थम  गए  है  यह  रास्ते  भी ,
अब  तो इन्हें  भी  रुकने  की  आदत  हों  गयी ,
इन आँसुओ को भी बहने की आदत हों गयी ,
मुस्कुराहट को चुप रहने की आदत हों गयी ..

खाली  करू  मै   किस  तरह ,
तेरे  इश्क  का  प्याला  भरा ,
पहुचे  न  तेरी  याद  भी ,
खुद  को  ले  जाऊं  मै  कहाँ,
आज  खामोशियो  को  भी  चिल्लाने  की  आदत  हों  गयी ,
इन आँसुओ को भी बहने की आदत हों गयी ,
मुस्कुराहट को चुप रहने की आदत हों गयी ..

बेखबर  तेरे  इश्क  ने  ,
रुसवां  किया  इस  दिल  को  य़ू ,
न  रहे  खुद  के  ही  हम ,
इस  कदर  बेघर  है  क्यों ?
जो  ख्वाब  सच्चे  लगते  थे ,
उन्हें  झुटलाने   की  आदत  हों  गयी ,

इन आँसुओ को भी बहने की आदत हों गयी ,
मुस्कुराहट को चुप रहने की आदत हों गयी ..